“खुद को जानने से”
आमदनी, कर्ज़, कमियाँ और लक्ष्य — एक पूरा और ईमानदार वित्तीय आकलन, साथ में कूपन-बचत पायलट, जिससे पहली बचत साफ़ दिखाई देती है
स्पष्टता“सुरक्षित करने तक”
मेडिक्लेम, PMJJBY और टर्म कवर, आसान भाषा में। वह सुरक्षा कवच जो हमेशा साथ था, पर कभी समझा नहीं गया
सुरक्षा“आने वाला कल बनाने तक”
NPS में नामांकन, इमरजेंसी फंड और लक्ष्य-आधारित बचत — रिटायरमेंट के लिए पूँजी, और बचत की ऐसी आदत जो पायलट के बाद भी बनी रहे
प्रगति“परिवार तक देखभाल पहुँचाने तक”
परिवार की वित्तीय सुरक्षा चेकलिस्ट और ज़रूरी जानकारी — जीवनसाथी, बच्चे और माता-पिता, सबको साथ लेकर
साथ-साथसंगम के अंत तक, हर परिवार यह सूची मिलकर पूरी कर लेता है। आज आपका परिवार इनमें से कितने काम पूरे कर चुका है?
10 में से 7 लोग आपात स्थिति के लिए आर्थिक रूप से तैयार नहीं हैं।
66% कर्मचारी आर्थिक तनाव अपने साथ काम पर लाते हैं।
75% लोग मानते हैं कि उनका हेल्थ कवर काफ़ी नहीं है।
70% लोग रिटायरमेंट और बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं।
67% लोग ज़्यादा वेतन के लिए नौकरी छोड़ देंगे।
46% संगठन कर्मचारियों की आर्थिक भलाई को प्राथमिकता देते हैं।
मध्यम-वर्गीय परिवार बिजली पर 8% खर्च करते हैं, जबकि अमीर परिवार सिर्फ़ 0.2–2.5%।
2030 तक, भारत की 9 करोड़ नई नौकरियों में से 70% ब्लू-कॉलर होंगी।
स्कूल की फीस भरनी है, और इस बार पैसे पहले से अलग रखे हैं।
क्लेम बिना किसी परेशानी के पास हो जाता है, क्योंकि नॉमिनी समय पर अपडेट किया गया था।
रात के खाने पर परिवार मिलकर अपना पहला पैसों का प्लान बनाता है।
उनकी अपनी भाषा में, उनकी अपनी शिफ्ट पर, साफ़ जवाब। न मुश्किल शब्द, न कोई कुछ बेचने वाला।
जीवनसाथी और माता-पिता का स्वागत है, ताकि सबसे ज़रूरी दिन किसी को अंदाज़ा न लगाना पड़े।
एक शांत और अधिक सुरक्षित कार्यबल, और एक सार्थक बदलाव जो तिमाही दर तिमाही बढ़ता जा रहा है।
हर सफ़र की शुरुआत सही दिशा जानने से होती है
CFR को अपने कार्यस्थल पर लाएँ। इसकी शुरुआत बस एक बातचीत से होती है।